सम्पादक – डॉ सैय्यद नौशाद अली
शिराज़-ए-हिन्द, राष्ट्रीय हिन्दी समाचार पत्र

जौनपुर-ट्रांसफर प्रकरण में शासनादेश की विरुद्ध किसी भी तरह का कोई ट्रांसफर नहीं किया जा सकते हैं जब तक शासन से कोई आदेश पारित न हो !
जबकि सीएमओ ऑफिस के बाबू अजय सिंह के द्वारा लगभग 22 लोगों का ट्रांसफर बिना शासनादेश के किसी मानक को पूरा करते हुए किए गए !
सूत्र बताते हैं कि जिन-जिन के ट्रांसफर किए गए उन उनसे 50000 से ₹100000 लेकर ट्रांसफर किए गए जबकि सरकारी पोर्टल पर उनके नाम या ट्रांसफर के संबंध में शासनादेश का कोई भी फरमान या आदेश नहीं आया है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीएमओ ऑफिस के भ्रष्ट बाबू अजय सिंह के द्वारा सीएमओ को गलत इनफार्मेशन देकर बिना शासनादेश देखें पैसे की लालच में ट्रांसफर कर दिए गए मेरे द्वारा बाबू अजय सिंह से बात की गई तो बताया कि सीएमओ जौनपुर लक्ष्मी सिंह के द्वारा इस ट्रांसफर को किया गया है ! कहा मैं इन संबंध में आपको नहीं बता सकता आप स्वयं सीएमओ मैडम से पूछे यहां तक की अजय सिंह ने अपना पल्ला झाड़ लिया है !
सीएमओ मैडम को बचाने की कोशिश जारी है !
अगर जांच की गई तो सीएमओ मैडम और अजय सिंह बाबू जांच के खेल में आ सकते हैं कुछ दिन बचे हैं सीएमओ मैडम को रिटायरमेंट जिसको देखते हुए अजय सिंह के द्वारा किए गए शासनादेश के विरुद्ध लगभग 22 लोगों के ट्रांसफर मोटी रकम लेकर की गई है!
जिसका प्रमाण भी है जिसमें अजय सिंह के द्वारा मनमानी तरीकों से सारे हर कार्य किया जा सकते हैं क्योंकि उनकी सीएमओ मैडम से काफी साठ – गांठ सामने आया है जिसके द्वारा यह घोटाले सामने आ रहे हैं की अजय सिंह बाबू के द्वारा बिना शासनादेश एवं मानक के किसी परमिशन के ट्रांसफर किए गए हैं उनसे पूछने पर वह साफ-साफ सीएमओ मैडम को ज़िम्मेदार मानते हैं,!
आखिर ख़ास क्या है यह तो कल जांच के बाद पता चलेगा हो सकता है सीएमओ श्री लक्ष्मी सिंह को बदनाम करने की कोशिश अजय सिंह बाबू कर रहे हैं या उनके कंधे पर बंदूक रखकर भ्रष्टाचार का खेल बाबू अजय सिंह ही खेल रहे है !
इसी माह के अंत तक इसका खुलासा होना हैं जिससे जनपद जौनपुर की सीएमओ लक्ष्मी सिंह का यह भ्रष्टाचार का खुलासा शिराज-ए-हिन्द,न्यूज़ राष्ट्रीय हिंदी समाचार पत्र एवं इंडिया 24 न्यूज़ के द्वारा किया जाएगा अगर कोई भी इसमें दोनो की मिली भगत से किसी तरह का भ्रष्टाचार उजागर होता है !
अगर उपरोक्त के खिलाफ़ शासन को तत्काल मिलकर पत्र को देखकर के सबूत दिखाकर उपरोक्त भ्रष्टाचार किए गए व्यक्तियों के ऊपर कारवाई की जाएगी जिससे दूध के दूध पानी को पानी हो जाए सके जिससे भविष्य में आने वाले कोई भी कर्मचारी अधिकारी को न करते हुए जो कार्य कर रहे हैं वह आगे से न कर सके जिससे भारत सरकार की आदेशो को नकारते हुए जिले की छवि धूमिल करने का काम बाबू अजय सिंह के द्वारा किया जा रहा है !
सूत्र द्वारा यह भी बताया गया है कि अजय सिंह के खिलाफ इसी कृत को मऊ में भी किए गये है कई मुकदमे पंजीकृत हैं एवं लखनऊ में ही इनका एक आलीशान होटल भी है आपको बताता चलु जौनपुर सीएमओ ऑफिस के बाबू अजय सिंह के द्वारा मऊ में रहते हुए विभाग से एक शासनादेश आया था कि बाबू अजय सिंह को यह किसी पब्लिक डिलिंग सीट न दी जाय!
मऊ से ट्रांसफर होने के बाद सरकारी आदेशों को दबा धज्जियां उड़ाते हुए सीएमओ ने उनको कई पब्लिक डिलिंग और कमाऊ सीट को दे दिया गया ! और तो और जौनपुर के वह भ्रष्टाचार की प्रथम लिस्ट में उभरते हुए भ्रष्टाचारियों के सरगना के रूप में दिखाई देते नजर आ रहे है !
जांच कल से जारी है जल्द ही एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट सम्मिलित कर दी जाएगी जिससे सीएमओ ऑफिस कि भ्रष्टाचार को उजागर किया जाएगा !
सीएमओ जॉच में फसती नज़र आ रही है क्यों कि सरकारी आदेशों को दबा कर सरकारी आदेशो कि धज्जियां उड़ाती हुए नजर आ रही है !
शासनादेश के आदेशों को दबा कर धज्जियां उड़ाते हुए सीएमओ लक्ष्मी सिंह पर उनके ही घनिष्ठ बाबू ने उनको इसी माह रिटायर्ड में फंसा कर रख दिया है ये जॉच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बाबू अजय सिंह ने सीएमओ लक्ष्मी सिंह को ही फंसा दिया है !
जिससे सीएमओ लक्ष्मी सिंह इसी माह रिटायर्ड होने वाली है उपरोक्त प्रकरण में सुरक्षित रिटायर्ड नहीं हो पाएगी सीएमओ लक्ष्मी सिंह पर 19.12.2025 से ही जांच कराई जाएगी जिसमें सीएमओ सहित बाबू अजय सिंह भी फंसते हुए नजर आ रहे है !
और रिटायर्ड होने के बाद भी उनकी सारी सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है!

