प्रियेश गुप्ता रुद्र
जौनपुर उतर प्रदेश जिले में चाइनीज मांझे के निर्माण, भंडारण, उपयोग और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण नई दिल्ली के आदेश के अनुपालन) आदेश का हवाला देते हुए बताया कि इस प्रतिबंध चाइनीज मांझे का उल्लंघन करने पर 7 वर्ष तक की कैद और 1 लाख रुपए तक का भारी जुर्माना हो सकता है।यह जानकारी सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिलाधिकारी ने जिला वृक्षारोपण समिति, जिला पर्यावरण समिति और जिला गंगा समिति की बैठक के दौरान दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-5 और धारा-15 के तहत इन निर्देशों का उल्लंघन करने पर 5 वर्ष तक का कारावास या 1 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि उल्लंघन जारी रहता है, तो प्रतिदिन 5000 रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगेगा।जिलाधिकारी ने बताया कि यदि यह असफलता एक वर्ष से अधिक समय तक जारी रहती है, तो अपराधी को 7 वर्ष तक के कारावास से दंडित किया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने नगर निकायों में चाइनीज मांझे के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाय और इसके भंडारण को तत्काल नष्ट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी निकाय में मांझे का भंडारण या विक्रय पाए जाने पर सख्त कठोर कार्रवाई की जाएगी।बैठक में चाइनीज मांझे के प्रतिबंध के अतिरिक्त वृक्षारोपण से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने उन विभागों को दो दिनों के अन्दर पौधारोपण के बाद जीवितता सफलता प्रतिशत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिन्होंने अभी तक यह रिपोर्ट नहीं दी है। इसके साथ ही, वृक्षारोपण के लक्ष्य, पौधों के अनुरक्षण, सुरक्षा, सिंचाई, जीपीएस इनेबल्ड व्हीकल और प्लास्टिक व चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विषयों पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए वहीं इस बैठक में अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व) अजय अम्बष्ट, अपर जिला अधिकारी (वि./रा.) परमानंद झा, डीएफओ प्रोमिला सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
