प्रियेश गुप्ता रुद्र
जौनपुर में एक युवक ने एमबीबीएस में दिव्यांग कोटे से एडमिशन लेने के लिए खुद का पैर काट दिया। पुलिस और घरवालों को झूठी हमले की कहानी सुनाई। लेकिन, पुलिस जांच में पता चला कि युवक पर किसी बाहरी व्यक्ति ने हमला नहीं किया था। उसने खुद अपना पैर काटा था। वहीं युवक ने बाएं पंजे की 4 अंगुलियां अलग कर दीं। सिर्फ अंगूठा बचा है। उसने यह बात अपनी प्रेमिका को भी बताई थी। फिलहाल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा। मामला लाइन बाजार थाना क्षेत्र का है।पुलिस को मिलीं सिरिंज और एनेस्थीसिया की शीशियां गुरुवार को पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया- घटनास्थल की बारीकी से पड़ताल, सीडीआर और संदिग्धों से पूछताछ की गई। इसमें यह साफ हो गया कि इस घटना में किसी बाहरी व्यक्ति की कोई संलिप्तता नहीं थी। पुलिस ने घटनास्थल के पास से एनेस्थीसिया की शीशियां, सिरिंज और आरी मशीन जैसे उपकरण भी बरामद किए।पुलिस को घरवालों से पूछताछ में पता चला कि सूरज एमबीबीएस में एडमिशन नहीं मिलने के कारण मानसिक तनाव और निराशा से गुजर रहा था। उसके पास से एक डायरी भी मिली है। इसमें उसने लिखा था कि वह साल 2026 में किसी भी कीमत पर एमबीबीएस में एडमिशन लेगा। सीडीआर जांच से यह भी पता चला कि उसने अपनी प्रेमिका से इस बारे में बात की थी। अक्टूबर महीने में वह बीएचयू गया था। वहां कुछ दस्तावेज हासिल करने का प्रयास कर रहा था।सीओ सिटी ने बताया- सूरज को मेडिकल प्रक्रियाओं की जानकारी थी, क्योंकि वह पहले ही डी-फार्मा कर चुका है। इसी जानकारी का इस्तेमाल कर उसने खुद ही यह घटना अंजाम दी। जिससे दिव्यांग कोटे का फायदा लेकर एमबीबीएस में एडमिशन मिल सके। फिलहाल सूरज की हालत स्थिर है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
