प्रियेश गुप्ता रुद्र
जौनपुर उतर प्रदेश जिले में सोमवार को महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि मनाई। गई वहीं इस अवसर पर नगर स्थित कालीचाबाद महाराणा प्रताप प्रतिमा पार्क में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ, जहाँ वीर शिरोमणि को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व लोकसभा प्रत्याशी और पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप शौर्य, स्वाभिमान, त्याग, तपस्या और अदम्य साहस के प्रतीक रहे और उन्होंने जोर दिया कि उनकी वीरता की गाथा युगों-युगों तक प्रेरणादायक रहेगी और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। वहीं भाजपा प्रवक्ता ओमप्रकाश सिंह ने महाराणा प्रताप के योगदान पर कहा कि उन्होंने राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर त्याग, बलिदान और वीरता का उच्चतम आदर्श स्थापित किया। और ओमप्रकाश सिंह ने आगे कहा कि भारतीय इतिहास में कुछ नाम केवल शासक नहीं, बल्कि एक विचार बन जाते हैं, और महाराणा प्रताप उनमें से एक हैं। उन्होंने बताया कि महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ के राजा नहीं थे, बल्कि स्वाभिमान, स्वतंत्रता और आत्मसम्मान की जीवंत मिसाल उन्होंने मुगल सम्राट अकबर की अधीनता स्वीकार करने से इनकार कर दिया था, जबकि अधिकांश राजपूत शासकों ने ऐसा कर लिया था।महाराणा प्रताप ने घास की रोटियां खाकर और जंगलों में रहकर भी गुलामी को ठुकरा दिया था। वहीं इस कार्यक्रम में डॉ. सिद्धार्थ सिंह, कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे
