प्रियेश गुप्ता रुद्र
जौनपुर उतर प्रदेश
जनपद में साइबर अपराध से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आने से पहले ही साइबर क्राइम द्वारा सफलता पूर्वक ठगी होने से पहले रोक दिया गया। वहीं साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक व्यक्ति का हैक किया गया WhatsApp अकाउंट सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया, जिससे लाखों की ठगी होते होते टल गई । वहीं यह घटना 24 दिसंबर 2025 को सामने आई, जब मीरमस्त, सदर, जौनपुर निवासी उमेन्द्र कुमार पुत्र राम सकल सिंह ने एक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनका WhatsApp अकाउंट हैक कर लिया गया है वहीं युवक के रिश्तेदारों व दोस्तों से तत्काल पैसों की मांग कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक जौनपुर डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव और क्षेत्राधिकारी नगर देवेश सिंह के पर्यवेक्षण में तत्काल कार्रवाई की गई। साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक महेश पाल सिंह और प्रभारी साइबर राजेश कुमार यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गई। साइबर थाना के कर्मी कांस्टेबल ग्रेड-बी जय प्रकाश सिंह, कांस्टेबल संग्राम और कांस्टेबल आनंद कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित का WhatsApp अकाउंट सफलतापूर्वक रिकवर कराया। इसके साथ ही, उनके मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग को भी निष्क्रिय कर दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी साइबर ठगी को होने से पहले ही रोक दिया गया।पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और जिन खातों में पैसों की मांग की गई थी, उन्हें बंद कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। साइबर फ्रॉड की स्थिति में नागरिक 1930 पर कॉल कर सकते हैं या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।पुलिस ने महत्वपूर्ण सावधानियां भी साझा कीं। यदि कोई व्यक्ति आपको * या # के साथ कोई नंबर डायल करने के लिए कहे – चाहे वह खुद को डिलीवरी बॉय, बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर या किसी कंपनी का कर्मचारी बताए तो ऐसा बिल्कुल न करें। यह तरीका कॉल फॉरवर्डिंग के ज़रिये WhatsApp और मोबाइल अकाउंट हैक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नागरिकों को हमेशा अपने WhatsApp में टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2-स्टेप सिक्योरिटी पिन) चालू रखने की अपील की गई
