प्रियेश गुप्ता रुद्र

जौनपुर उतर प्रदेश कोडीन कफ सिरप मामले के मुख्य आरोपी भोला जायसवाल को सोमवार को अदालत में पेश किया गया वहीं कुछ समय बाद कोर्ट ने उन्हें 5 जनवरी तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया वहीं। उन पर 2000 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े का आरोप है। वहीं ड्रग विभाग की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता सुभाष चंद्र त्रिपाठी ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में कोडीन कफ सिरप की खरीद और बिक्री केवल कागजों पर दर्शाई गई थी। जिन फर्मों के नाम पर लेनदेन दिखाया गया, वे सभी फर्जी पाई गईं।अधिवक्ता ने यह भी बताया कि दस्तावेजों में जिस ट्रक से सिरप की सप्लाई दिखाई गई थी, वह वास्तव में ट्रक नहीं बल्कि ऑटो और बाइक का नंबर था। उन्होंने इसे एक संगठित अवैध गतिविधि बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।सुरक्षा कारणों से भोला जायसवाल को दोपहर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। सीजेएम कोर्ट की जज श्वेता यादव ने भोला जायसवाल की फाइल को अपर सिविल जज जूनियर डिवीजन संगीता गौतम के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया। पुलिस ने शाम लगभग 4: बजे आरोपी को अपर सिविल जज (ए एम 10) संगीता गौतम के समक्ष पेश किया। अपर सिविल जज संगीता गौतम ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया
